एक गाय या भैंस को प्रतिदिन कितना पशु आहार देना चाहिए?– संपूर्ण मार्गदर्शिका
डेयरी पशुपालन करने वाले किसानों के मन में सबसे सामान्य सवाल है—एक गाय या भैंस को प्रतिदिन कितना पशु आहार देना चाहिए? क्या 5 लीटर और 15 लीटर दूध देने वाले पशु को समान दाना देना चाहिए? क्या गाय और भैंस की कैटल फीड मात्रा अलग होती है? अधिक दाना देने से दूध अपने आप बढ़ता है या केवल खर्च बढ़ता है?
इन सवालों का सही जवाब जानना जरूरी है, क्योंकि डेयरी व्यवसाय में पशु आहार सबसे बड़े दैनिक खर्चों में से एक है। जरूरत से कम आहार देने पर पशु की पोषण आवश्यकता पूरी नहीं हो सकती, जबकि बिना आवश्यकता बहुत अधिक कन्सन्ट्रेट देने से फीड लागत बढ़ सकती है और पाचन संतुलन प्रभावित हो सकता है।
सही तरीका यह है कि पशु आहार की मात्रा शरीर के वजन, दूध उत्पादन, दूध में फैट, गर्भावस्था, दुग्धकाल की अवस्था, हरे और सूखे चारे की गुणवत्ता तथा मौसम को ध्यान में रखकर तय की जाए। इस लेख में सरल भाषा में गाय और भैंस के दैनिक हरे चारे, सूखे चारे और संतुलित पशु आहार की मात्रा को उदाहरणों सहित समझाया गया है।
सभी पशुओं के लिए एक मात्रा सही नहीं होती
एक 350 किलो की गाय और 550 किलो की भैंस की रखरखाव आवश्यकता समान नहीं होती। इसी प्रकार 4 लीटर दूध देने वाली गाय और 18 लीटर दूध देने वाली गाय को समान मात्रा में कैटल फीड देना उचित नहीं है। पशु के राशन का एक हिस्सा शरीर के रखरखाव के लिए और अतिरिक्त पोषण दूध उत्पादन, गर्भावस्था तथा वृद्धि के लिए चाहिए। इसलिए हर पशु को रोज पांच किलो दाना देने जैसा एक निश्चित नियम अधूरा है। किसान को सुबह और शाम का दूध तथा दिए गए फीड की मात्रा लिखनी चाहिए। रिकॉर्ड से यह समझना आसान होता है कि किस पशु को कितनी मात्रा पशु आहार लाभकारी है।
दैनिक राशन के मुख्य हिस्से
दुधारू पशु के राशन को हरा चारा, सूखा चारा और कन्सन्ट्रेट या संतुलित पशु आहार—इन तीन मुख्य भागों में समझा जा सकता है। इसके साथ मिनरल मिक्सचर, नमक और पर्याप्त साफ पानी भी महत्वपूर्ण हैं। हरा और सूखा चारा रूमेन तथा पाचन व्यवस्था के सामान्य कार्य में भूमिका निभाते हैं। संतुलित कैटल फीड ऊर्जा, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में सहायता करता है। केवल दाना बढ़ाकर और पर्याप्त रफेज न देकर अच्छा परिणाम पाना कठिन हो सकता है। केवल भूसा खिलाकर अधिक दूध की उम्मीद करना भी उचित नहीं है। पूरे राशन को एक साथ देखना चाहिए।
एक सामान्य वयस्क पशु को कितना हरा और सूखा चारा दें?
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की सामान्य किसान मार्गदर्शिका में एक सामान्य वयस्क पशु के लिए प्रतिदिन लगभग 15 से 20 किलोग्राम हरा चारा और लगभग 6 किलोग्राम सूखा चारा बताया गया है। NDDB की good dairy husbandry guidance में सूखे चारे की सामान्य सीमा 4 से 6 किलोग्राम भी दी गई है। यह सामान्य मार्गदर्शन है, हर पशु का अंतिम राशन नहीं। हरे चारे में नमी अधिक होती है, इसलिए 20 किलो हरा चारा और 20 किलो भूसा पोषण की दृष्टि से समान नहीं हैं। बरसीम, जई, मक्का, ज्वार, बाजरा, लोबिया और नेपियर की गुणवत्ता अलग होती है। जहां संभव हो चारे को काटकर दें और दलहनी तथा गैर-दलहनी चारे का संतुलित उपयोग करें।
कैटल फीड की मात्रा कैसे तय करें?
दूध उत्पादन के अनुसार कन्सन्ट्रेट की मात्रा तय करना एक सामान्य व्यावहारिक तरीका है, लेकिन अंतिम मात्रा पूरे राशन की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। ICAR-NIANP की डेयरी फार्मिंग सलाह में प्रत्येक 3 किलोग्राम दूध के लिए लगभग 1.2 किलोग्राम कन्सन्ट्रेट मिश्रण गाय और लगभग 1.3 किलोग्राम भैंस के लिए अतिरिक्त आवश्यकता का सामान्य उल्लेख है। सरल गणना में यह गाय के लिए लगभग 400 ग्राम और भैंस के लिए लगभग 430 ग्राम प्रति किलोग्राम दूध के आसपास बैठता है। कुछ किसान मार्गदर्शिकाओं में 400 से 500 ग्राम कन्सन्ट्रेट प्रति लीटर दूध का सामान्य संकेत भी मिलता है। इसे आंख बंद करके हर पशु पर लागू नहीं करना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता के चारे, शरीर के वजन और दुग्ध अवस्था के अनुसार मात्रा बदल सकती है।

5 लीटर दूध देने वाली गाय का उदाहरण
यदि एक स्वस्थ गाय लगभग 5 लीटर दूध देती है और 400 ग्राम कन्सन्ट्रेट प्रति किलोग्राम दूध का सामान्य उदाहरण लिया जाए, तो दूध उत्पादन के लिए लगभग 2 किलो कन्सन्ट्रेट की गणना बनती है। लेकिन रखरखाव आवश्यकता और बेसल राशन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गाय कितना पौष्टिक हरा चारा और सूखा चारा खा रही है, इससे तैयार कैटल फीड की वास्तविक मात्रा प्रभावित होगी। गाय कमजोर, गर्भित या कम गुणवत्ता के चारे पर हो तो राशन अलग हो सकता है। इसलिए 5 लीटर दूध का अर्थ यह नहीं कि हर गाय को बिल्कुल 2 किलो ही दाना दिया जाए। यह गणना समझने का उदाहरण है।
10 लीटर दूध देने वाली गाय का उदाहरण
10 लीटर दूध देने वाली गाय के लिए 400 ग्राम प्रति किलोग्राम दूध के उदाहरण से लगभग 4 किलो कन्सन्ट्रेट का अनुमान बनता है। 450 से 500 ग्राम का व्यावहारिक स्तर लेने पर मात्रा 4.5 से 5 किलो तक हो सकती है। अंतिम मात्रा राशन की गुणवत्ता और पशु की स्थिति देखकर तय करें। पूरा कन्सन्ट्रेट एक ही बार देने के बजाय सुबह और शाम या आवश्यकता के अनुसार हिस्सों में देना बेहतर प्रबंधन हो सकता है। जुगाली, गोबर, भूख और दूध उत्पादन पर नजर रखें। दाना बढ़ाने के बाद भी दूध न बढ़े तो केवल और दाना बढ़ाते न जाएं; स्वास्थ्य, दुग्धकाल, गर्मी और पानी की उपलब्धता भी जांचें।
15 लीटर दूध देने वाली गाय का उदाहरण
15 लीटर दूध देने वाली गाय के लिए 400 ग्राम प्रति किलोग्राम दूध की सामान्य गणना लगभग 6 किलो कन्सन्ट्रेट दिखाती है। 450 ग्राम के आधार पर लगभग 6.75 किलो बनता है। उच्च उत्पादन वाले पशु में केवल किलो बढ़ाना समाधान नहीं है। पशु आहार की गुणवत्ता, ऊर्जा और प्रोटीन का संतुलन, पर्याप्त फाइबर, मिनरल और पानी महत्वपूर्ण हैं। दुग्धकाल के शुरुआती समय में पोषण आवश्यकता तेजी से बढ़ सकती है। यदि पशु पर्याप्त सूखा पदार्थ नहीं खा रहा और दूध अधिक दे रहा है तो शरीर की स्थिति गिर सकती है। ऐसे पशु के लिए व्यक्तिगत राशन बैलेंसिंग अधिक उपयोगी है।
20 लीटर दूध देने वाली गाय का उदाहरण
20 लीटर दूध देने वाली गाय के लिए 400 ग्राम प्रति किलोग्राम दूध की गणना लगभग 8 किलो कन्सन्ट्रेट की ओर संकेत करती है। 450 ग्राम के आधार पर यह लगभग 9 किलो हो सकता है। इसका अर्थ यह नहीं कि किसी भी 20 लीटर गाय को सीधे 8 या 9 किलो दाना शुरू कर दिया जाए। उच्च कन्सन्ट्रेट राशन सावधानी से मैनेज करना पड़ता है। पशु आहार की अचानक मात्रा बढ़ाना उचित नहीं है। अधिक उत्पादन वाले पशु के लिए फीडिंग फ्रीक्वेंसी, रूमेन स्वास्थ्य, पर्याप्त चारा और पानी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे पशुओं के लिए पशु पोषण विशेषज्ञ से राशन बनवाना फीड लागत और पोषण दोनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता कर सकता है।
5 लीटर दूध देने वाली भैंस का उदाहरण
भैंस के दूध में सामान्यतः अधिक फैट होता है। ICAR-NIANP के सामान्य उदाहरण में प्रत्येक 3 किलो दूध के लिए भैंस हेतु लगभग 1.3 किलो कन्सन्ट्रेट मिश्रण का उल्लेख है। इस आधार पर 5 लीटर दूध देने वाली भैंस के लिए दूध उत्पादन से जुड़ी गणना लगभग 2.2 किलो के आसपास आती है। वास्तविक मात्रा बेसल राशन और पशु की स्थिति पर निर्भर करेगी। पर्याप्त हरा और सूखा चारा दें। केवल दाना बढ़ाकर दूध या फैट बढ़ाने की कोशिश न करें। साफ पानी और गर्मियों में ठंडक की व्यवस्था भैंस के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
10 लीटर दूध देने वाली भैंस का उदाहरण
10 लीटर दूध देने वाली भैंस के लिए 1.3 किलो प्रति 3 किलो दूध के सामान्य उदाहरण से लगभग 4.3 किलो कन्सन्ट्रेट की गणना बनती है। किसान को यह भी देखना चाहिए कि भैंस कितना हरा चारा खा रही है, सूखा चारा कैसा है और कैटल फीड की गुणवत्ता क्या है। पूरा दाना एक ही समय पर देने के बजाय सुबह और शाम के फीड में बांटना उपयोगी हो सकता है। गर्मी में भैंस का फीड इनटेक कम होने पर केवल दाना बढ़ाने के बजाय हीट स्ट्रेस मैनेजमेंट, पानी और ठंडक पर ध्यान दें।
दूध उत्पादन के अनुसार सामान्य गणना तालिका
दूध/दिन गाय: 400 ग्राम/किलो दूध भैंस: 1.3 किलो/3 किलो दूध
5 लीटर लगभग 2.0 किलो लगभग 2.2 किलो
10 लीटर लगभग 4.0 किलो लगभग 4.3 किलो
15 लीटर लगभग 6.0 किलो लगभग 6.5 किलो
20 लीटर लगभग 8.0 किलो लगभग 8.7 किलो
महत्वपूर्ण: यह केवल दूध उत्पादन आधारित सामान्य गणना का उदाहरण है, संपूर्ण दैनिक राशन या व्यक्तिगत प्रिस्क्रिप्शन नहीं।
15 लीटर दूध देने वाली भैंस का उदाहरण
15 लीटर दूध देने वाली भैंस के लिए 1.3 किलो प्रति 3 किलो दूध के उदाहरण से लगभग 6.5 किलो कन्सन्ट्रेट की गणना बनती है। ऐसे पशु को गुणवत्तापूर्ण संतुलित राशन चाहिए। केवल स्थानीय मिश्रण में अधिक खल डाल देना पर्याप्त नहीं है। ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर, खनिज और पानी सभी जरूरी हैं। भैंस के दूध में फैट अधिक होने के कारण संपूर्ण पोषण को समझकर राशन बनाना चाहिए। दूध या फैट अचानक गिरने पर स्वास्थ्य, गर्मी, पानी और आहार में हुए बदलाव की जांच करें।
दूध के लीटर के अलावा किन बातों को देखें?
दो गायें 10-10 लीटर दूध दे सकती हैं, फिर भी उनकी पोषण आवश्यकता अलग हो सकती है। पहली गाय 350 किलो और दूसरी 500 किलो की हो सकती है। एक दुग्धकाल के शुरुआती चरण में और दूसरी अंतिम चरण में हो सकती है। एक को अच्छी गुणवत्ता का बरसीम और मक्का मिल सकता है, जबकि दूसरी मुख्य रूप से गेहूं के भूसे पर हो सकती है। इसी कारण आधुनिक डेयरी पोषण में राशन बैलेंसिंग पर जोर दिया जाता है। उपलब्ध सभी फीड और फोडर से मिलने वाले पोषक तत्वों को पशु की जरूरत से मिलाया जाता है। सरल संदेश है—दूध के अनुसार दाना देखें, लेकिन वजन, चारे की गुणवत्ता और शरीर की स्थिति भी जरूर देखें।
Dry Matter यानी सूखा पदार्थ क्यों समझें?
पशु आहार की मात्रा समझने में ड्राई मैटर महत्वपूर्ण है। 20 किलो हरे चारे में काफी पानी होता है, जबकि 6 किलो भूसे में नमी बहुत कम होती है। इसलिए केवल गीले वजन से पोषण की तुलना सही नहीं है। Dairy Knowledge Portal की एक सामान्य व्याख्या में गाय द्वारा शरीर के वजन का लगभग 3 से 4 प्रतिशत सूखा पदार्थ ग्रहण करने का उदाहरण दिया गया है। 400 किलो की गाय के लिए यह लगभग 12 से 16 किलो dry matter प्रतिदिन का उदाहरण बनता है। वास्तविक सेवन दूध उत्पादन, अवस्था, मौसम और राशन की गुणवत्ता से प्रभावित हो सकता है। किसान को हर गणना स्वयं करना जरूरी नहीं, पर यह समझना चाहिए कि हरे और सूखे चारे के समान किलो का पोषण समान नहीं होता।
क्या अधिक दाना देने से अधिक दूध मिलेगा?
अधिक पशु आहार हमेशा अधिक दूध की गारंटी नहीं देता। पशु की आनुवंशिक क्षमता, स्वास्थ्य और दुग्धकाल की अवस्था महत्वपूर्ण हैं। यदि 6 लीटर दूध देने वाली गाय को 10 लीटर वाली गाय जितना महंगा कैटल फीड दिया जा रहा है और अतिरिक्त फीड से आर्थिक उत्पादन नहीं बढ़ता, तो प्रति लीटर दूध की लागत बढ़ सकती है। दूसरी ओर अधिक उत्पादन वाले पशु को जरूरत से कम फीड देने पर उसकी शारीरिक स्थिति गिर सकती है। लक्ष्य न बहुत कम और न बिना जरूरत बहुत अधिक फीड देना है। हर 7 से 15 दिन में दूध उत्पादन और फीड मात्रा की समीक्षा उपयोगी हो सकती है।
पशु आहार कितनी बार दें?
कम या मध्यम मात्रा के कन्सन्ट्रेट को सुबह और शाम की फीडिंग में बांटा जा सकता है। अधिक उत्पादन वाले पशुओं में बड़ी मात्रा को छोटे हिस्सों में बांटना उपयोगी हो सकता है। एक ही बार में बहुत अधिक दाना देना उचित प्रबंधन नहीं माना जाता। रूमेन के सूक्ष्मजीव चारे को पचाने का काम करते हैं और अचानक अधिक कन्सन्ट्रेट या तेज राशन बदलाव से पाचन संतुलन प्रभावित हो सकता है। नया कैटल फीड शुरू करते समय पुराने फीड के साथ धीरे-धीरे मिलाएं। फीडिंग का समय नियमित रखें और समूह में कमजोर पशु को भी उसका हिस्सा मिलना सुनिश्चित करें।
मिनरल मिक्सचर कितना दें?
मिनरल मिक्सचर संतुलित राशन का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। इसकी मात्रा उत्पाद के प्रकार, पशु की अवस्था और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार रखनी चाहिए। सभी मिनरल मिक्सचर की संरचना समान नहीं होती, इसलिए एक ग्राम मात्रा को हर ब्रांड और हर पशु पर लागू करना उचित नहीं है। पैक पर दी गई feeding recommendation पढ़ें। गर्भित, उच्च उत्पादन वाले या विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले पशु के लिए पशु चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लें। मिनरल मिक्सचर को कैटल फीड में अच्छी तरह मिलाकर देना उपयोगी हो सकता है।
गर्भित गाय या भैंस का राशन
गर्भित पशु का आहार केवल वर्तमान दूध उत्पादन देखकर तय नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के अंतिम चरण में बच्चे की वृद्धि तेज होती है और पशु को अगले दुग्धकाल के लिए तैयार होना होता है। NDDB की pregnant animal guidance में सामान्य दैनिक उदाहरण के रूप में 15-20 किलो हरा चारा, 4-5 किलो सूखा चारा, 2-3 किलो compound cattle feed, 1 किलो oil cake, 50 ग्राम mineral mixture और 30 ग्राम salt का उल्लेख है। यह सामान्य guidance है; वास्तविक स्थिति के अनुसार बदलाव हो सकता है। गर्भित पशु को फफूंद लगा चारा और अचानक राशन बदलाव से बचाएं।
गर्मी में फीड मात्रा कैसे मैनेज करें?
हरियाणा और राजस्थान जैसे गर्म क्षेत्रों में अधिक तापमान पशु के feed intake को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में केवल कैटल फीड बढ़ा देना सही समाधान नहीं है। पशु को छाया, हवा और पर्याप्त साफ पानी दें। भैंस के लिए गर्मी से राहत की उचित व्यवस्था विशेष रूप से जरूरी है। फीड को अपेक्षाकृत ठंडे समय में देना उपयोगी हो सकता है। गीला मिश्रण लंबे समय तक गर्मी में न पड़ा रहने दें। यदि उच्च उत्पादन वाला पशु अचानक खाना कम कर दे तो पशु चिकित्सक से सलाह लें।
सर्दियों में किन बातों पर ध्यान दें?
सर्दियों में पशु शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ऊर्जा का उपयोग करता है। अत्यधिक ठंड में पोषण व्यवस्था पर अतिरिक्त ध्यान देना पड़ सकता है। बरसीम की अधिक उपलब्धता होने पर किसान कभी-कभी केवल एक ही हरा चारा बहुत अधिक देते हैं। पूरे राशन का संतुलन देखें और सूखा चारा तथा आवश्यक कन्सन्ट्रेट भी उचित मात्रा में दें। सर्दियों में भी साफ पानी जरूरी है। गीले और ठंडे फर्श से पशु को बचाना अच्छे डेयरी प्रबंधन का हिस्सा है।
फीड मात्रा बढ़ाने या घटाने का सही तरीका
दूध उत्पादन और पोषण आवश्यकता बढ़ने पर कैटल फीड धीरे-धीरे समायोजित करें। एक दिन में अचानक कई किलो दाना बढ़ाना उचित नहीं है। दूध कम होने पर भी दाना तुरंत बहुत कम न करें। पहले कारण समझें—दुग्धकाल, गर्भावस्था, बीमारी, गर्मी, पानी और चारे की गुणवत्ता देखें। फीड बदलाव के बाद भूख, जुगाली, गोबर, दूध और शारीरिक स्थिति पर नजर रखें। असामान्य बदलाव दिखे तो विशेषज्ञ से संपर्क करें।
फीड रजिस्टर कैसे बनाएं?
एक साधारण रजिस्टर में पशु का नंबर, नस्ल, अनुमानित वजन, ब्याने की तारीख, सुबह का दूध, शाम का दूध, हरा चारा, सूखा चारा और कैटल फीड की मात्रा लिखें। सप्ताह के अंत में देखें कि किस पशु का दूध बढ़ा या घटा और फीड लागत कितनी रही। इससे कम उत्पादन वाले पशु को अनावश्यक महंगा दाना देने और उच्च उत्पादन वाले पशु को कम फीड देने जैसी गलतियां पहचानी जा सकती हैं। बड़े फार्म Excel या ऐप का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन छोटे किसान के लिए कॉपी भी उपयोगी है।
पशु आहार से जुड़ी सामान्य गलतियां
सभी गाय और भैंस को समान दाना देना, केवल दूध के लीटर देखकर पूरे राशन को नजरअंदाज करना, अचानक कई किलो दाना बढ़ाना, हरे चारे की अनदेखी करना, फफूंद लगा फीड खिलाना और पर्याप्त पानी न देना सामान्य गलतियां हैं। मिनरल मिक्सचर को बिना निर्देश मनमानी मात्रा में देना, दूध का रिकॉर्ड न रखना, गर्भित और दुधारू पशु को एक ही feeding plan पर रखना और गर्मी में feed intake कम होने का कारण समझे बिना केवल दाना बढ़ाना भी गलत है। केवल सस्ता कैटल फीड खरीदना और दूसरे किसान की मात्रा अपने हर पशु पर लागू करना भी नुकसानदायक हो सकता है।
निष्कर्ष: गाय या भैंस को रोज कितना पशु आहार दें?
एक गाय या भैंस को प्रतिदिन कितना पशु आहार देना चाहिए?, इसका एक निश्चित जवाब सभी पशुओं के लिए नहीं है। सामान्य वयस्क पशु के लिए लगभग 15-20 किलो हरा चारा और करीब 4-6 किलो सूखा चारा सामान्य मार्गदर्शन का हिस्सा हो सकता है। दूध उत्पादन के लिए सामान्य गणना उदाहरण में गाय हेतु लगभग 400 ग्राम और भैंस हेतु लगभग 430 ग्राम कन्सन्ट्रेट प्रति किलो दूध के आसपास विचार किया जा सकता है। वास्तविक मात्रा वजन, दूध में फैट, दुग्धकाल, गर्भावस्था और चारे की गुणवत्ता के अनुसार बदलनी चाहिए। दूध और फीड रिकॉर्ड रखें, अचानक बदलाव न करें और उच्च उत्पादन वाले पशुओं के लिए राशन बैलेंसिंग करवाएं। डेयरी सफलता का मंत्र ज्यादा दाना नहीं, बल्कि सही पशु को सही मात्रा में संतुलित आहार देना है।
गोरीवाला एफपीओ – किसानों और पशुपालकों के साथ
गोरीवाला एफपीओ किसानों और पशुपालकों को पशु आहार, फीड सप्लीमेंट, हरे चारे और सूखे चारे से संबंधित उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। डेयरी पशुपालक अपने पशुओं के दूध उत्पादन और दैनिक फीड का रिकॉर्ड जरूर रखें तथा पशु आहार खरीदते समय गुणवत्ता और विश्वसनीय स्रोत को प्राथमिकता दें। पशु आहार, चारा और फीड सप्लीमेंट से संबंधित जानकारी के लिए गोरीवाला एफपीओ से संपर्क करें। नोट: इस लेख की मात्राएं सामान्य शैक्षणिक और किसान जागरूकता उद्देश्य के लिए हैं। प्रत्येक पशु की वास्तविक आवश्यकता अलग हो सकती है। बीमार, उच्च उत्पादन वाले, गर्भित या विशेष पोषण आवश्यकता वाले पशु के लिए योग्य पशु चिकित्सक अथवा पशु पोषण विशेषज्ञ की सलाह लें।